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पेट में दरà¥à¤¦ की वजह से चिड़चिड़ा हो गया है आपका बचà¥à¤šà¤¾, तो इन घरेलू उपायों से करें बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में पेट दरà¥à¤¦ को ठीक
यह आपको रातों की नींद हराम कर सकता है, आपको चिंतित और तनावगà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ बना सकता है. बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में पेट दरà¥à¤¦ की वजह पेट में कीड़े à¤à¥€ हो सकते हैं. à¤à¤¸à¥‡ में कà¥à¤¯à¤¾ करें जब बचà¥à¤šà¤¾ पेट दरà¥à¤¦ का अनà¥à¤à¤µ करें.
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट में बार-बार दरà¥à¤¦ होता है? à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहै कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि वे कà¥à¤› à¤à¥€ और किसी à¤à¥€ समय खा लेते हैं, लेकिन कई अनà¥à¤¯ कारण à¤à¥€ हैं जो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में पेट दरà¥à¤¦ का कारण बन सकते हैं. हालांकि, अचà¥à¤›à¥€ बात यह है कि कà¥à¤› आसान घरेलू उपायों से इसका इलाज किया जा सकता है. पेट दरà¥à¤¦ के लिठकई पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक उपचार (Natural Remedies for Stomach Pain) हैं जो आपके बचà¥à¤šà¥‡ को कà¥à¤› ही समय में राहत पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर सकते हैं. कà¥à¤¯à¤¾ आपने अपने बचà¥à¤šà¥‡ को पेट पकड़कर चिलà¥à¤²à¤¾à¤¤à¥‡ देखा है? इसमें कà¥à¤› à¤à¥€ असामानà¥à¤¯ नहीं है. जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° बचà¥à¤šà¥‡ करते हैं, खासकर 3 से 11 साल के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में ये आम है, लेकिन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पेट दरà¥à¤¦ की शिकायत और रोना अचà¥à¤›à¤¾ नहीं लगता. यह आपको रातों की नींद हराम कर सकता है, आपको चिंतित और तनावगà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ बना सकता है. बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में पेट दरà¥à¤¦, पेट में कीड़े होने की वजह से à¤à¥€ हो सकता है. à¤à¤¸à¥‡ में कà¥à¤¯à¤¾ करें जब बचà¥à¤šà¤¾ पेट दरà¥à¤¦ का अनà¥à¤à¤µ करें.
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में पेट दरà¥à¤¦ के लिठघरेलू उपचार
1) अपने बचà¥à¤šà¥‡ को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रखें
अपने बचà¥à¤šà¥‡ को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रखने के लिठकिसी à¤à¥€ तरह की बिना मीठी चाय जैसे पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¤¾ या अदरक की चाय दें. यह उसके पेट की दरà¥à¤¦ वाली नसों को शांत करेगा और उसके पेट दरà¥à¤¦ को कम करने में मदद करेगा. जब तक वह बेहतर महसूस न करे तब तक उसे डेयरी पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤¸ या तली हà¥à¤ˆ चीजें देने से बचें. à¤à¥‚ख लगने पर आप उसे टोसà¥à¤Ÿ या दलिया दे सकते हैं. अगर उसके पेट में दरà¥à¤¦ के साथ उलà¥à¤Ÿà¥€ हो रही हो, तो उसे कोई ठोस आहार न दें; दरà¥à¤¦ कम होने तक उसे तरल चीजें दें.
2) गरà¥à¤® सेक का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें
पेट दरà¥à¤¦ के लिठसबसे सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ और सबसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ उपचारों में से à¤à¤• गरà¥à¤® सेक है. वारà¥à¤® कंपà¥à¤°à¥‡à¤¸ की सबसे अचà¥à¤›à¥€ बात यह है कि इसका कोई साइड इफेकà¥à¤Ÿ नहीं होता है और यह जलà¥à¤¦à¥€ राहत देता है. अगर आप हीटिंग पैड का उपयोग कर रहे हैं, तो गरà¥à¤®à¥€ के लो लेवल का चयन करें और इसे अपने बचà¥à¤šà¥‡ के पेट पर रखें. लेकिन इसे सीधे न लगाà¤à¤‚. अगर आपके पास हीटिंग पैड नहीं है, तो गरà¥à¤® पानी से à¤à¤°à¥€ बोतल का उपयोग करें; इसे à¤à¤• कपड़े में लपेट लें और आपका गरà¥à¤®à¤¾à¤—रà¥à¤® सेंक तैयार है.गरà¥à¤®à¥€ उसकी मांसपेशियों को आराम देगी और पेट दरà¥à¤¦ से राहत दिलाà¤à¤—ी.
3) हींग का पेसà¥à¤Ÿ लगाà¤à¤‚
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट दरà¥à¤¦ के लिठहींग या हिंग à¤à¥€ à¤à¤• कारगर उपाय है. यह शरीर से गैसों को बाहर निकालने में सहायता करके पेट दरà¥à¤¦ को कम करता है. पानी में थोड़ा सा हींग पाउडर मिलाकर पेसà¥à¤Ÿ बना लें और इसे बचà¥à¤šà¥‡ की नाà¤à¤¿ के आसपास लगाà¤à¤‚. हींग के चूरà¥à¤£ को जैतून के तेल में मिलाकर कà¥à¤› देर तक बचà¥à¤šà¥‡ के पेट की मालिश करने से à¤à¥€ उसे जलà¥à¤¦ आराम मिल सकता है.
4) दही और अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• खिलाà¤à¤‚
पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• पेट दरà¥à¤¦ को शांत करने में मदद करने के लिठà¤à¥€ जाने जाते हैं. दही, जिसमें पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ होते हैं, दसà¥à¤¤ और à¤à¤‚ठन से राहत दिला सकता है. दही à¤à¥€ अचà¥à¤›à¥‡ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से à¤à¤°à¤¾ होता है जो आंत में रोगाणà¥à¤“ं के नà¥à¤•सान की à¤à¤°à¤ªà¤¾à¤ˆ करता है. मेथी के बीज बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट दरà¥à¤¦ के इलाज में à¤à¥€ मदद करते हैं. à¤à¤• मà¥à¤ à¥à¤ ी मेथी दाना पीसकर, दही में मिलाकर पेट में दरà¥à¤¦ होने पर अपने बचà¥à¤šà¥‡ को दें. कोई à¤à¥€ à¤à¤¾à¤°à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ देने के बजाय उसे खिचड़ी या सादा चावल दें.
5) हरà¥à¤¬à¤² चाय दे सकते हैं
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में पेट दरà¥à¤¦ को शांत करने के लिठहरà¥à¤¬à¤² चाय à¤à¥€ दी जा सकती है. अदरक को कदà¥à¤¦à¥‚कस करके गरà¥à¤® पानी में कà¥à¤› देर के लिठà¤à¤¿à¤—ो दें. फिर छान लें और अपने बचà¥à¤šà¥‡ को दें, अगर वह दो साल या उससे अधिक का है. अगर उसकी उमà¥à¤° दो साल से कम है, तो आप उसकी नाà¤à¤¿ के आसपास अदरक का रस लगा सकते हैं. आप उसे à¤à¤• कप चाय में कà¥à¤› पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¥‡ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और नींबू के रस की कà¥à¤› बूंदें à¤à¥€ दे सकते हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह पेट दरà¥à¤¦ को कम करने में मदद करता है. पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¤¾ आंत से हानिकारक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को दूर करने में मदद कर सकता है जबकि नींबू कबà¥à¤œ में मदद कर सकता है.
6) उसे शहद दें
शहद कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ, शà¥à¤—र और à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है. इसे हरà¥à¤¬à¤² चाय में या गरà¥à¤® पानी में मिलाकर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दिया जा सकता है. बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¥€ इसे आसानी से खाना पसंद करते हैं. हालांकि, अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ 2 साल से छोटा है तो उसे शहद न खिलाà¤à¤‚.
7. धीरे से उसकी मालिश करें
पेट की दरà¥à¤¦ वाली नसों और मांसपेशियों को उसके चारों ओर बà¥à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ को बढ़ाकर राहत दी जा सकती है और इसे कोमल मालिश देकर आसानी से पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ किया जा सकता है. अपनी हथेलियों और उंगलियों का उपयोग करके अपने बचà¥à¤šà¥‡ के नाà¤à¤¿ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के चारों ओर राइट साइड में गोलाकार गति में धीरे से मालिश करें. ठोड़ी से नीचे की ओर पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ तक मालिश करने से à¤à¥€ राहत मिल सकती है.
2) गरà¥à¤® सेक का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें
पेट दरà¥à¤¦ के लिठसबसे सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ और सबसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ उपचारों में से à¤à¤• गरà¥à¤® सेक है. वारà¥à¤® कंपà¥à¤°à¥‡à¤¸ की सबसे अचà¥à¤›à¥€ बात यह है कि इसका कोई साइड इफेकà¥à¤Ÿ नहीं होता है और यह जलà¥à¤¦à¥€ राहत देता है. अगर आप हीटिंग पैड का उपयोग कर रहे हैं, तो गरà¥à¤®à¥€ के लो लेवल का चयन करें और इसे अपने बचà¥à¤šà¥‡ के पेट पर रखें. लेकिन इसे सीधे न लगाà¤à¤‚. अगर आपके पास हीटिंग पैड नहीं है, तो गरà¥à¤® पानी से à¤à¤°à¥€ बोतल का उपयोग करें; इसे à¤à¤• कपड़े में लपेट लें और आपका गरà¥à¤®à¤¾à¤—रà¥à¤® सेंक तैयार है.गरà¥à¤®à¥€ उसकी मांसपेशियों को आराम देगी और पेट दरà¥à¤¦ से राहत दिलाà¤à¤—ी.
3) हींग का पेसà¥à¤Ÿ लगाà¤à¤‚
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट दरà¥à¤¦ के लिठहींग या हिंग à¤à¥€ à¤à¤• कारगर उपाय है. यह शरीर से गैसों को बाहर निकालने में सहायता करके पेट दरà¥à¤¦ को कम करता है. पानी में थोड़ा सा हींग पाउडर मिलाकर पेसà¥à¤Ÿ बना लें और इसे बचà¥à¤šà¥‡ की नाà¤à¤¿ के आसपास लगाà¤à¤‚. हींग के चूरà¥à¤£ को जैतून के तेल में मिलाकर कà¥à¤› देर तक बचà¥à¤šà¥‡ के पेट की मालिश करने से à¤à¥€ उसे जलà¥à¤¦ आराम मिल सकता है.
4) दही और अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• खिलाà¤à¤‚
पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• पेट दरà¥à¤¦ को शांत करने में मदद करने के लिठà¤à¥€ जाने जाते हैं. दही, जिसमें पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ होते हैं, दसà¥à¤¤ और à¤à¤‚ठन से राहत दिला सकता है. दही à¤à¥€ अचà¥à¤›à¥‡ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से à¤à¤°à¤¾ होता है जो आंत में रोगाणà¥à¤“ं के नà¥à¤•सान की à¤à¤°à¤ªà¤¾à¤ˆ करता है. मेथी के बीज बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के पेट दरà¥à¤¦ के इलाज में à¤à¥€ मदद करते हैं. à¤à¤• मà¥à¤ à¥à¤ ी मेथी दाना पीसकर, दही में मिलाकर पेट में दरà¥à¤¦ होने पर अपने बचà¥à¤šà¥‡ को दें. कोई à¤à¥€ à¤à¤¾à¤°à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ देने के बजाय उसे खिचड़ी या सादा चावल दें.
5) हरà¥à¤¬à¤² चाय दे सकते हैं
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में पेट दरà¥à¤¦ को शांत करने के लिठहरà¥à¤¬à¤² चाय à¤à¥€ दी जा सकती है. अदरक को कदà¥à¤¦à¥‚कस करके गरà¥à¤® पानी में कà¥à¤› देर के लिठà¤à¤¿à¤—ो दें. फिर छान लें और अपने बचà¥à¤šà¥‡ को दें, अगर वह दो साल या उससे अधिक का है. अगर उसकी उमà¥à¤° दो साल से कम है, तो आप उसकी नाà¤à¤¿ के आसपास अदरक का रस लगा सकते हैं. आप उसे à¤à¤• कप चाय में कà¥à¤› पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¥‡ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और नींबू के रस की कà¥à¤› बूंदें à¤à¥€ दे सकते हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह पेट दरà¥à¤¦ को कम करने में मदद करता है. पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¤¾ आंत से हानिकारक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को दूर करने में मदद कर सकता है जबकि नींबू कबà¥à¤œ में मदद कर सकता है.
6) उसे शहद दें
शहद कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ, शà¥à¤—र और à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है. इसे हरà¥à¤¬à¤² चाय में या गरà¥à¤® पानी में मिलाकर बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दिया जा सकता है. बचà¥à¤šà¥‡ à¤à¥€ इसे आसानी से खाना पसंद करते हैं. हालांकि, अगर आपका बचà¥à¤šà¤¾ 2 साल से छोटा है तो उसे शहद न खिलाà¤à¤‚.
7. धीरे से उसकी मालिश करें
पेट की दरà¥à¤¦ वाली नसों और मांसपेशियों को उसके चारों ओर बà¥à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ को बढ़ाकर राहत दी जा सकती है और इसे कोमल मालिश देकर आसानी से पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ किया जा सकता है. अपनी हथेलियों और उंगलियों का उपयोग करके अपने बचà¥à¤šà¥‡ के नाà¤à¤¿ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के चारों ओर राइट साइड में गोलाकार गति में धीरे से मालिश करें. ठोड़ी से नीचे की ओर पेट के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ तक मालिश करने से à¤à¥€ राहत मिल सकती है.
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